सच्चों के आदर्श हैं हजरत इमाम हुसैन: हरीश रावत
रुड़की
इंसानियत के परचम को बुलंद रखने तथा समाज में मोहब्बत भाईचारा बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद ए आज़म हजरत इमाम हुसैन हर उस व्यक्ति के आदर्श हैं जो कि सच्चाई के रास्ते पर चलता है। लेकिन आज के समय में सच बोलना ऐसा हो गया है जैसे की कोई गुनाह कर लिया गया हो। इमाम हुसैन के रास्ते पर चलना जरूरी है क्योंकि उनके द्वारा सच्चाई को कायम रखने के लिए कर्बला के मैदान में अपनी कुर्बानी पेश की गई थी।
नगर के मोहल्ला पठानपुरा स्थित इमामबाड़ा दरबार हुसैन में आयोजित जश्ने हजरत इमाम हुसैन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चाई के मार्ग पर चलता है हजरत इमाम हुसैन उसका आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने सच्चाई तथा इंसानियत की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। जिस समय उनको शहीद किया गया तब भी वह उस परमात्मा की इबादत ही कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से उन्हें हमेशा लगाव रहा है। मंगलौर के गुड़ की मिठास के साथ-साथ यहां के लोगों की आपसी मोहब्बत पूरे देश में मिसाल है। जहां पर गंगा जमुना तहजीब का जीता जागता नमूना मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसा दौर आया है कि सच बोलने वाले की जुबान पर ताले लगाने का प्रयास किया जाता है। वर्तमान समय में सच बोलना ऐसा हो गया है मानो की कोई पाप कर दिया हो। लेकिन जो लोग सच्चे होते हैं वह हमेशा अपने मार्ग पर जमे रहते हैं।
