गुर्जर परिवार के एक बच्चे को गुलदार ने बनाया निवाला, जांच के आदेश जारी
देहरादून
उत्तराखंड में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि अब राजधानी के रिहायशी इलाकों में भी गुलदार लोगों पर हमला करने लगा है। ताजा मामला देहरादून के मालसी रेंज से सामने आया है, जहां गल्जवाड़ी में वन क्षेत्र के भीतर रह रहे गुर्जर परिवार के एक बच्चे को गुलदार उठा ले गया। घटना के बाद मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीमें पहुंची और रात तक कॉम्बिंग होती रही। देहरादून के कैंट थाना इलाके के किमाड़ी मार्ग पर गल्जवाड़ी गांव से करीब दो किलोमीटर नीचे की तरफ वन क्षेत्र में बड़ी वन गुर्जर बस्ती है। यहां पर गुर्जरों के करीब 10-12 डेरे हैं।
बताया जा रहा है कि दस साल का रियायत डेरे से बाहर आया और इसी बीच बाघ ने बच्चे को निवाला बना लिया। कहा जा रहा है की बाघ को ट्रांकुलाइज कर गोली मारी गई, जिसको लेकर जांच भी बैठा दी गई है। वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है की जांच इसीलिए बैठाई गई है की आखिर इस बात में कितना सच है की ट्रेंकुलाइज करने के बाद गोली मारी गई और जांच का नतीजा आने के बाद कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कहा की पिछले दो तीन महीना में जिस तरीके से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं ये चिंता का विषय है। हमने प्रयास किया की ऐसी जगह चिन्हित की जाए , वहां स्ट्रीट लाइट्स पहुंचाई जाए, साथ ही ग्रास कटर गांव वासियों को उपलब्ध कराया गया ताकि इस तरीके की घटनाएं न हो, लेकिन इसके साथ साथ लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। वन मंत्री ने कहा की जहां ये घटना हुई वहां चारोंतरफ से पानी से घिरा घर था जहां 9 बजे अकेला बच्चा बाहर निकला जहां बाघ ने उसपर हमला किया। इसीलिए जागरूकता की आवश्यकता है। वन मंत्री ने कहा की इस मामले को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ विभाग काम कर रहा है।
